Sovereign Gold Bond (SGB) Scheme in Hindi

Sovereign Gold Bond (SGB) Scheme : नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है हमारे ब्लॉग पर आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे गवर्नमेंट की एक बहुत ही पॉपुलर और महत्त्वपूर्ण स्कीम के बारे में जिसका नाम है SOVEREIGN GOLD BOND । यह क्या है इसके फायदे क्या है और भी बहुत कुछ जानेंगे आज के इस आर्टिकल में तो चलिए शुरू करते है।

हमारे देश में गोल्ड को लेकर लोगों के लिए जो इमोशनल कनेक्शन है वो सायद ही कहीं होगा और जब हम फिजिकल गोल्ड खरीदते है तो उसके साथ और भी बहुत कुछ होती है जैसे मेकिंग चार्ज , और गोल्ड लिया है तो सेफ्टी का इश्यू और इसके लिए बैंक लॉकर भी लेते है तो अलग से उसके चार्ज देने होते है और उसके बाद शुद्धता का इश्यू , पोलिसिंग कोस्ट, रिन्यू चार्ज अब इसी लिए ही डिजिटल गोल्ड सबसे बेस्ट होता है जिसमे ये सारे चार्जेस नहीं देनी होती डिजीटल लोन को हम ऑनलाइन खरीद सकते है और कुछ सालों तक होल्ड करके रख सकते है  और जब गोल्ड का प्राइस बढ़े तो बेच सकते है और पूरा इंट्रेस्ट कमा सकते हैं।

Sovereign Gold Bond (SGB) Scheme क्या है?

यह बॉन्ड सामान्यतः RBI द्वारा इश्यू किया जाता है । ये बॉन्ड RBI साल में 4 या 5 बार सीरीज वाइस इश्यू करती है । अभी हाल ही में SGB सीरीज 9 इश्यू किया गया था । यह एक प्रकार का डिजिटल गोल्ड होता है जिसे हम ऑनलाइन खरीद या बेच सकते है और कुछ सालों तक होल्ड करके रख सकते है। साथ ही गोल्ड का प्राइस बढ़ने पर इसे बेच कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं । इसमें खरीदा गया गोल्ड पूरी तरह से शुद्ध होता है ।

SGB हेतु योग्यता और मैच्योरिटी पीरियड :- 

  1. कोई भी भारतीय SGB में निवेश कर सकता है ।
  2. इसमें मेनरोटी अकाउंट भी ओपन कराया जा सकता है लेकिन उसको कोई गार्डियन या पैरेंट ही मैनेज का4 सकता है।
  3. इस योजना की मैच्योरिटी पीरियड है 8 साल अगर इसे हम बढ़ाना चाहे तो और 3 साल यानी की कुल 11 साल बढ़ा सकते हैं ।

SGB की प्राइसिंग :- 

SGB से जो गोल्ड हम खरीदते है उसके 1 यूनिट को वैल्यू होती है 1 ग्राम और ये 1 ग्राम गोल्ड होता है 24 कैरेट का और जो वैल्यू वर्तमान में गोल्ड का है वही इसकी वैल्यू होती है । तो इस तरह से इसका प्राइस डिसाइड किया जाता है और साल करते समय भी ऐसे ही किया जाता है ।

Sovereign Gold Bond (SGB) Scheme के लाभ :- 

  1. इसमें हमे कोई भी डिजाइन और मेकिंग चार्ज नहीं देनी होती जब हम अलग से गोल्ड खरीदते है तो उसमें मेकिंग या डिजाइन चार्ज देने होते है।
  2. इसमें कोई भी स्टोरेज का रिस्क नहीं लेना पड़ता और सेव स्टोरेज के लिए लॉकर की कॉस्ट भी नही देना होती है।
  3. यह सेफ्टी का कोई इश्यू नही क्योंकी इसे RBI और भारत सरकार का बैकअप देती है ।
  4. इसमें खरीदे जाना वाला सोना पूरी तरह से शुद्ध होता है ।
  5. SGB में कोई भी GST और STT यानि की सिक्योरिटी ट्रांसेक्शन टैक्स नहीं देनी होती है।
  6. RBI की तरह से एक फिजिकल सार्टफिकेट देती है प्रूफ के रूप में और उसका उपयोग हम लोन के कोलेटरल के लिए कर सकते हैं ।
  7. जिस तरह हम फिजिकल गोल्ड को गिरवी रख कर लोन ले सकते है ठीक उसी तरह से SGB गोल्ड को भी गिरवी रख कर लोन ले सकते हैं ।
  8. इसमें हमे कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता । जैसे इसकी मैच्योरिटी पीरियड है 8 साल लेकिन इस बॉन्ड को 5 साल के बाद कभी भी बेचने पर इस पर कोई भी कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना होता है यही इस स्कीम की एक खास बात है ।
  9. इसको हम अपने डीमेट अकाउंट से भी खरीद सकते हैं ।
  10. SGB में निवेश हमारे लिए टैक्स फ्री के साथ साथ रिस्क फ्री होती है इसमें मिलने वाला इंट्रेस्ट रिस्क फ्री होता है इसमें हमें 2.5% के वार्षिक इंट्रेस्ट मिलता है जो हर 6 महीने में हमारे अकाउंट में क्रेडिट हो जाता है ।

SGB के हानि :- 

  1. इस स्कीम की लॉकिंग पीरियड 8 साला की होती है अतः 5 साल के पहले पैसे विड्रॉल नहीं किए जा सकते ।
  2. हमे SGB में SIP का विकल्प नहीं मिलता है। इसमें हमें हमारी सारी निवेश एक साथ करनी होती है ।
  3. अगर हम इसे 5 साल के पहले बेचते हैं तो फिर हमें कैपिटल गेन टैक्स देना होगा ।

SGB में मिलने वाला अतिरिक्त फायदा :- 

  1. नॉमिनिटी की सुविधा भी मिलती है ।
  2. माइनोरिटी अकाउंट भी ओपन करवा सकतें हैं।
  3. ज्वाइंट अकाउंट की फेसिलिटी भी मिलती हैं ।
  4. इसमें हर सब्सक्राइबर सिर्फ एक ही अकाउंट से एक ही बार SGB बॉन्ड खरीद सकता है।

SGB में टैक्स कैलकुलेशन :- 

जैसे की हमने जाना इसकी मैच्योरिटी पीरियड 8 साल की है तो 8 साल तक इसे हम होल्ड करके रखना पड़ेगा । 8 साल पूरा होने के बाद RBI वो बॉन्ड हमे वापस देती है और इस प्रक्रिया में कोई भी कैपिटल टैक्स हमे नहीं देना होता । और अगर 5 साल के बाद भी अगर हम RBI को बॉन्ड सेल करते हैं तो हमारा कैपिटल गेन टैक्स फ्री रहेगा । इसके अलावा अगर हम 3 साल के लिए इसे और बढ़ते है मतलब 11 साल रखते है तो भी हमारा कैपिटल गेन टैक्स फ्री रहेगा । लेकिन अगर इसे आप डीमेट अकाउंट का उपयोग करके स्टॉक मार्केट में सेल करते है तो फिर आपको कैपिटल गेन टैक्स आपको दें ना पड़ता है । मान लीजिए अगर 3 साल से पहले ही इसे आपने बेच दिया तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन देना होगा तो ये टैक्स आपकी इनकम स्लेस पर निर्भर होगा लेकिन अगर आप इसे 3 साल के बाद और 5 साल के पहले सेल किया तो इस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन देना होगा जो है 20% + 4% CESS + Indexation benefit । 

Sovereign Gold Bond (SGB) Scheme में निवेश कैसे करें :- 

इसमें निवेश हम चार तरीके से कर सकते है जो नीचे दिए गए हैं।

  1. बैंक 
  2. पोस्ट ऑफिस
  3. SHCIL ( Stock Holding Corporation of india limited )
  4. Stock Brokers 

अगर आप ऑफलाइन इसमें निवेश करना चाहते है तो फिर आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर फॉर्म फिल करके अपना केवाईसी कर के इसको सबमिट कर सकते हैं ।अगर आप ऑनलाइन करना चाहते है तो बाकी कोई भी तरीके से कर सकते है लेकिन इसके लिए आपका डिमैट अकाउंट होना जरूरी है । 

न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमा :-

SGB को हमे न्यूनतम 1 ग्राम खरीदना होता है और अधिकतम 4 KG हर व्यक्ति प्रति वर्ष खरीद सकता है ।

निष्कर्ष :-

तो आज के इस आर्टिकल में हमने जाना की SGB क्या होता है इसमें अप्लाई कैसे करना है और इसके बारे में और भी बहुत कुछ मुझे आशा है आपके लिए यह जानकारी उपयोगी रहीं होगी तो आप जरूर से SGB में जरूर से निवेश करें और अपना गोल्ड लोन लें । और अपना सुझाव हमे कमेंट बॉक्स में जरूर दें और अगर इसे जुड़े कोई भी सवाल है तो कॉमेंट करके हमसे पूछ सकतें हैं तो आज के लिए बस इतना ही इसी तरह की और जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहे ।

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